March 17, 2014

मेरी होली

Let me introduce a first time blogger to our beautiful world of Blogosphere through my blog. She goes by the name RJ and is a working mother of a teen. She loves nature and is a music buff. With our interactions, I have felt that she is free spirited and unbridled in her expression that will make her a fantastic author. 

Let's welcome and wish luck on her poetic take on Holi...
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जब होली के हर रंग को टटोल कर देखा
तब पता चला  इनमें से कोई भी रंग अपना नहीं था

लोगो के खिलते  चेहरों को देखा तो अपने सूने दामन का एहसास हुआ

क्या होली के इन रंगो को हमेशा अपनी ज़िंदगी  में धूंढती रहूँगी  
कभी तो सूनी हथेली को इन्द्रधनुष के रंग भा जायेंगे


ऐसा कह इस होली को किया अलविदा  मैंने  


और उस होली का इंतज़ार फिर किया

जब दिल कहेगा  "सखी इस बार मेरी होली आई"...